Book Review in Hindi - लक्ष्य - "उच्चतम लक्ष्य प्राप्ति के Golden Rules


This is a book review of a book Lakshya. Written by Hindi writer Pro. P.K.Arya. Review is well written stepwise and clearly understood by reader. It gives out clear idea of knowing why to read this book.

लक्ष्य - "उच्चतम लक्ष्य प्राप्ति के Golden Rules
प्रो. पी के आर्य
प्रभात प्रकाशन, दिल्ली

"तू धीर धर हे वीर वर, उस तीर से मैंने कहा
बस छूट पड़ने दो अजी, मुझसे नहीं जाता रहा
- माखनलाल चतुर्वेदी

लेखक इस पुस्तक से पाठक को, इसी तीर की तरह, ७ मूलमन्त्रों से प्रेरित करना चाहते हैं ताकि वे अपने लक्ष्य को ढून्ढ कर उसे प्राप्त कर सकें। व्यक्तित्व संवर्धन कि शैली में लिखी गयी यह किताब, इन ७ मूलमंत्र स्पष्ट रूप से विषय-सूची में पेश करती है। पहले अध्याय लक्ष्य की स्पष्टता का महत्व समझाया गया है।

चैप्टर २ और ३, लक्ष्य की सफलता में कष्ट के योगदान पर केंद्रित हैं। लेखक के विचार में लक्ष्य इतना प्रबल होना चाहिए कि वह हमारी सब चालु मुश्किलों से हमें परिष्कार कर दे। इसी तरह इस किताब में बाकी के मूलमन्त्रों की व्याख्या की गयी है।
पुस्तक में लेखक नें अपने मूलमन्त्रों को समझानें के लिए कई प्रसिद्ध लोगों की कहानियो के उदहारण दिए हैं। यही कहानियां इस पुस्तक को रोचक बनाती हैं, और पाठक को प्रेरणा देती हैं की वे भी माखनलाल जी के तीर की तरह अपने उद्देश्य को पा सकते हैं। यह कहानियाँ अमरीका, भारत, रूस, ब्रिटेन इत्यादि कई देशों से ली गयी हैं। इसी तरह कई कार्यक्षेत्रों से कामयाब लोगों के संघर्ष के उदहारण लिए गए हैं, जैसे की शेक्सपियर (साहित्य), एलिज़ाबेथ ब्लैकवेल (दुनिया की पहली महिला डॉक्टर) और न्यूटन (विज्ञान)। कुछ कहानियां तो साधारण लोगों की भी हैं - जैसे की १२ वर्षीय रेबिका वेस्टस की जिसने अपने शहर को बचाया! इसलिए यह लेखन प्रेरणहीन लोगों को प्रभावित करेगा।
परन्तु यदि आप सरल भाषा पसंद करते हैं, या संस्कृत में रूचि नहीं रखते, तो यह पुस्तक आपको पसंद नहीं आयेगी। शैलीगत रूप से भी यह पुस्तक नीरस है - घिसीपिटी उपमाएं ("सोना बारम्बार तपाये जाने पर ही अपना असली रंग प्रकट करता है"), असम्भन्धित टिप्पणियां ("भला सम्राटों की बेवकूफी का कोई ठिकाना है?") और एक ही मूल विषय अधिकतर चैप्टर में दोहराया जाना - "कठिनाई वास्तविक कामयाब जीवन के अंग-प्रत्यंग हैं"!
अंततः यह पुस्तक शायद अधिक शिक्षित लोगों के लिए उपयुक्त नहीं हैं.


1. Name of book: लक्ष्य - "उच्चतम लक्ष्य प्राप्ति के Golden Rules
2. Author of book: प्रो. पी के आर्य
3. Name of publisher: प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
4. Total pages: ९३
5. Number of stories and names of stories you read: ५ कहानिया पढ़ी
उनके नाम- १) लक्ष्य की स्पष्टता
२) सफलता के लिए लक्ष्य
३) कष्ट से सँवरता है लक्ष्य
४) लक्ष्य शक्ति का परिष्कार
५) लक्ष्य के प्रति धुन


6. Short summary of stories: ७ मूलमन्त्रों से प्रेरित करना चाहते हैं ताकि वे अपने लक्ष्य को ढून्ढ कर उसे प्राप्त कर सकें। व्यक्तित्व संवर्धन कि शैली में लिखी गयी यह किताब, इन ७ मूलमंत्र स्पष्ट रूप से विषय-सूची में पेश करती है। पहले अध्याय लक्ष्य की स्पष्टता का महत्व समझाया गया है। चैप्टर २ और ३, लक्ष्य की सफलता में कष्ट के योगदान पर केंद्रित हैं। लेखक के विचार में लक्ष्य इतना प्रबल होना चाहिए कि वह हमारी सब चालु मुश्किलों से हमें परिष्कार कर दे। इसी तरह इस किताब में बाकी के मूलमन्त्रों की व्याख्या की गयी है।
7. Your idea/opinion on book: शैलीगत रूप से भी यह पुस्तक नीरस है - घिसीपिटी उपमाएं ("सोना बारम्बार तपाये जाने पर ही अपना असली रंग प्रकट करता है"), असम्भन्धित टिप्पणियां ("भला सम्राटों की बेवकूफी का कोई ठिकाना है?") और एक ही मूल विषय अधिकतर चैप्टर में दोहराया गया है - "कठिनाई वास्तविक कामयाब जीवन के अंग-प्रत्यंग हैं"!
8. What could have been improved: पुस्तक में मुद्दे दोहराये गए है और मूल रूप से पूरी पुस्तक में एक ही अतिव्यापी विचार है। यह किताब बहुत अनावश्यक रूप से खींची गयी भी थी। इसीलिए किताब के मुद्दो को और संक्षिप्त रूप में लिखना चैहिये था। किताब की टिप्पणियाँ भी बहुत असंबंधित थी और उसके के लिए किताब में जो भी उदहारण शामिल थे उन्हें हमारी प्रतिदिन की ज़िन्दगी से सम्बंधित बनाना चाहिए था।
9. How was language: यदि आप सरल भाषा पसंद करते हैं, या संस्कृत में रूचि नहीं रखते, तो यह पुस्तक आपको पसंद नहीं आयेगी।
10. What is interesting: पुस्तक में लेखक नें अपने मूलमन्त्रों को समझानें के लिए कई प्रसिद्ध लोगों की कहानियो के उदहारण दिए हैं। यही कहानियां इस पुस्तक को रोचक बनाती हैं, और पाठक को प्रेरणा देती हैं की वे भी माखनलाल जी के तीर की तरह अपने उद्देश्य को पा सकते हैं। यह कहानियाँ अमरीका, भारत, रूस, ब्रिटेन इत्यादि कई देशों से ली गयी हैं। इसी तरह कई कार्यक्षेत्रों से कामयाब लोगों के संघर्ष के उदहारण लिए गए हैं, जैसे की शेक्सपियर (साहित्य), एलिज़ाबेथ ब्लैकवेल (दुनिया की पहली महिला डॉक्टर) और न्यूटन (विज्ञान)।
11. Why to read this book: अगर आप थोड़े पुराने खेलत के है और आपको लक्ष्य पर टिप्पिणिया चाहिए तो आप यह किताब पढ़ सकते है।
12.Your ratings out of 5: २/५

Courtesy - Gauhrishi Narang


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